अफगानिस्तान पर हुए हवाई हमले: काबुल ने पाकिस्तान को ठहराया जिम्मेदार, 3 लोगों की मौत
अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर हवाई हमलों का आरोप लगाया, 3 की मौत।


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पूर्वी अफगानिस्तान में हुए हवाई हमले
अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांतों में हुए हवाई हमलों में कम से कम तीन लोग मारे गए हैं और सात अन्य घायल हुए हैं। इन हमलों के बाद अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। अधिकारियों और चश्मदीदों ने गुरुवार (28 अगस्त, 2025) को यह जानकारी दी। ये हवाई हमले बुधवार (27 अगस्त, 2025) देर रात हुए, जिनमें कई घर भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
हमलों का स्थान और नुकसान
अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, ये हवाई हमले नंगरहार और खोस्त प्रांतों में हुए हैं। नंगरहार के शिनवारी जिले में, शाह सावर नाम के एक निवासी ने बताया कि उनके घर पर पहला बड़ा बम गिराया गया, जिससे उनका घर पूरी तरह से तबाह हो गया। उन्होंने मलबे से पहले एक बच्चे, फिर चार बच्चों और एक महिला को बाहर निकाला। नंगरहार के उप-राज्यपाल मौलवी अजीजुल्लाह मुस्तफा ने कहा कि ये हमले पाकिस्तानी ड्रोन द्वारा किए गए थे।
अफगान सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया
काबुल में अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने इन हमलों को पाकिस्तान द्वारा "उकसाने वाला कार्य" बताया और काबुल में पाकिस्तानी राजदूत को तलब किया। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने भी इन हमलों की निंदा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा, "ऐसी बर्बर और क्रूर कार्रवाई से किसी को फायदा नहीं होगा, बल्कि दोनों मुस्लिम राष्ट्रों के बीच दूरियां बढ़ेंगी और नफरत फैलेगी। इन गैर-जिम्मेदाराना गतिविधियों के गंभीर परिणाम होंगे।"
पाकिस्तान की चुप्पी
इन कथित हवाई हमलों पर पाकिस्तान सरकार या उसकी सेना की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई है।
पहले भी लग चुके हैं ऐसे आरोप
यह पहली बार नहीं है जब काबुल ने पाकिस्तान पर अफगानिस्तान के भीतर हवाई हमले करने का आरोप लगाया है। दिसंबर 2024 में भी अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर पक्तिका प्रांत में पाकिस्तानी तालिबान (टीटीपी) के संदिग्ध ठिकानों पर हवाई हमले करने का आरोप लगाया था। उस समय भी पाकिस्तान ने इन हमलों को स्वीकार नहीं किया था। तब काबुल ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के अंदर कई ठिकानों को निशाना बनाने का दावा भी किया था।
तनाव के पीछे की वजह
इस्लामाबाद और काबुल के बीच संबंध 2021 से ही तनावपूर्ण बने हुए हैं, जब अफगान तालिबान ने सत्ता संभाली थी। इसकी मुख्य वजह काबुल द्वारा पाकिस्तानी तालिबान (टीटीपी) को कथित समर्थन देना बताया जाता है। टीटीपी पाकिस्तान में एक प्रतिबंधित आतंकवादी समूह है, जिस पर हाल के वर्षों में पाकिस्तान में सुरक्षा बलों और नागरिकों पर कई घातक हमलों का आरोप है। पाकिस्तान, अफगानिस्तान पर टीटीपी को पनाह देने का आरोप लगाता है, जबकि काबुल इससे इनकार करता है। अफगानिस्तान का कहना है कि वह किसी को भी अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश के खिलाफ नहीं करने देता।
राजनयिक प्रयासों के बावजूद तनाव बरकरार
यह ताजा हिंसा ऐसे समय में हुई है, जब एक हफ्ते पहले ही पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान के शीर्ष राजनयिकों ने काबुल में मुलाकात की थी और आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने का संकल्प लिया था। इसके तीन महीने पहले ही पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के लिए अपने राजनयिक संबंधों को उन्नत किया था। इन राजनयिक प्रयासों के बावजूद दोनों देशों के बीच तनाव कायम है।