'आफ्टर द हंट' रिव्यू: कैंपस की राजनीति पर एक बेअसर बयान

जूलिया रॉबर्ट्स की 'आफ्टर द हंट' कमजोर पटकथा के कारण प्रभावहीन रही।

Published · By Tarun · Category: Entertainment & Arts
'आफ्टर द हंट' रिव्यू: कैंपस की राजनीति पर एक बेअसर बयान
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हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री जूलिया रॉबर्ट्स और जाने-माने निर्देशक लुका गुआडाग्निनो फिल्म 'आफ्टर द हंट' के लिए एक साथ आए हैं। यह फिल्म अकादमिक दुनिया की राजनीति और पेचीदा रिश्तों को दर्शाने का प्रयास करती है। हालांकि, समीक्षकों का मानना है कि फिल्म एक कमजोर और अधूरी पटकथा के कारण दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ने में नाकामयाब रही है।

क्या है फिल्म की कहानी?

फिल्म की कहानी येल विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग में स्थापित है। यहां प्रोफेसर अल्मा इम्होफ (जूलिया रॉबर्ट्स), उनके युवा सहकर्मी हैंक गिब्सन (एंड्रयू गारफ़ील्ड) और अल्मा की पीएचडी छात्रा मैगी (आयो एडेबिरी) मुख्य भूमिकाओं में हैं। कहानी की शुरुआत अल्मा के अपार्टमेंट में एक पार्टी से होती है, जहाँ तीनों किरदारों के बीच के जटिल रिश्ते और आपसी नज़दीकी को दिखाया गया है। अल्मा और हैंक की करीबी उनके पति फ्रेडरिक (माइकल स्टुहल बर्ग) भी महसूस करते हैं, वहीं मैगी भी अल्मा के करीब आने की कोशिश में है।

एक आरोप और रिश्तों का जाल

पार्टी के अगले दिन, मैगी अल्मा को बताती है कि हैंक ने "अपनी सीमा पार की" और पार्टी के बाद उसके साथ दुर्व्यवहार किया। जब हैंक इन आरोपों से इनकार करता है, तो प्रोफेसर अल्मा खुद को सच्चाई और वफादारी के इस उलझे हुए जाल के बीच पाती हैं। यहीं से फिल्म इन किरदारों को आरोपों और इनकार के एक जटिल वेब में फंसाती है।

कमजोर निर्देशन और खोखली पटकथा

निर्देशक लुका गुआडाग्निनो ने फिल्म में एक विशिष्ट माहौल बनाने की पूरी कोशिश की है। उन्होंने कहानी को आगे बढ़ाने के लिए ध्वनि और दृश्यों का इस्तेमाल किया, जैसे लगातार टिक-टिक करती घड़ी की आवाज़ या अल्मा के चारों ओर घूमता कैमरा। ये सभी तत्व एक पेचीदा अकादमिक परिदृश्य और उसके भीतर छिपे गहरे रहस्यों को उजागर करने की कोशिश करते हैं। हालांकि, ये प्रयास भी एक बेहद "खोखली" और "अधूरी" पटकथा की कमियों को दूर नहीं कर पाते हैं।

गहराई की कमी

'आफ्टर द हंट' फिल्म अपना अधिकांश समय संवादों और बातों के पीछे भागने में बिताती है। यह बहुत कुछ कहने का इरादा रखती है, लेकिन कहानी में तनाव को ठोस कार्रवाई में बदलने में पूरी तरह से विफल रहती है। फिल्म तीनों किरदारों के बीच के नाजुक व्यक्तिगत मुद्दों को उस समय की व्यापक सामाजिक-राजनीतिक धारणाओं के साथ जोड़ने का प्रयास करती है, लेकिन इन दोनों के बीच एक सार्थक संबंध स्थापित करने में कामयाब नहीं हो पाती है।

कलाकारों का प्रदर्शन

जूलिया रॉबर्ट्स, एंड्रयू गारफ़ील्ड और आयो एडेबिरी ने अपनी भूमिकाओं में बेहतरीन प्रदर्शन देने की कोशिश की है। उन्होंने अपनी तरफ से पूरा न्याय किया, लेकिन एक सीमित और कमजोर स्क्रिप्ट के कारण उन्हें अपनी अभिनय क्षमता को पूरी तरह से निखारने का मौका नहीं मिल पाया।

अंतिम राय

'आफ्टर द हंट', जिसे 2024 में फिल्माया गया था और इसी साल (2025) रिलीज़ किया गया है, एक ऐसी फिल्म के रूप में सामने आती है जो अपने समय से थोड़ी पीछे भी लगती है और थोड़ी आगे भी। अगर इसमें थोड़ी और गहराई और स्पष्टता होती, तो यह कैंपस की राजनीति पर एक प्रभावशाली टिप्पणी बन सकती थी। लेकिन अपने मौजूदा स्वरूप में, यह एक बेहद "कमजोर बयान" बनकर रह गई है, जिसकी अपनी ही असंतुष्टि इसकी सबसे बड़ी पहचान बन जाती है। यह फिल्म अब प्राइम वीडियो पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है।

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