मानव बाल निर्यात घोटाला: ED ने नागालैंड सहित कई राज्यों में की छापेमारी
ED ने मानव बाल निर्यात घोटाले में कई राज्यों में छापेमारी की।

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार, 4 नवंबर 2025 को नागालैंड, असम और तमिलनाडु में एक साथ कई जगहों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मानव बाल के निर्यात की आड़ में किए गए कथित अवैध वित्तीय लेनदेन की विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत चल रही जांच का हिस्सा है। अधिकारियों ने बताया कि यह ऑपरेशन संघीय जांच एजेंसी के दीमापुर कार्यालय ने शुरू किया था।
कहां-कहां हुई कार्रवाई?
ईडी ने नागालैंड के दीमापुर और असम के गुवाहाटी में दो-दो ठिकानों पर तलाशी ली, जबकि तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में तीन परिसरों पर छापेमारी की गई। अधिकारियों के अनुसार, फेमा कानून के तहत ईडी के नागालैंड कार्यालय द्वारा की गई यह अपनी तरह की पहली कार्रवाई है।
मुख्य आरोपी और कंपनी
जांच का केंद्र बिंदु लीमा इमसोंग नाम का व्यक्ति और उसकी एकल स्वामित्व वाली कंपनी 'इमसोंग ग्लोबल सप्लायर्स कंपनी' है। ईडी को पता चला कि इस कंपनी ने मानव बाल के निर्यात के बहाने विदेश से पैसे (विदेशी आवक प्रेषण) प्राप्त किए थे। अधिकारियों ने बताया कि दीमापुर में मानव बाल का निर्यात एक असामान्य और व्यावसायिक रूप से "अव्यवहारिक" गतिविधि है।
क्या है पूरा मामला?
जांच में सामने आया कि काफी समय बीत जाने के बाद भी, 'इमसोंग ग्लोबल सप्लायर्स कंपनी' ने अधिकृत डीलर बैंक को शिपिंग बिल, निर्यात चालान की प्रतियां जैसे आवश्यक निर्यात दस्तावेज़ निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा नहीं किए। ईडी अधिकारियों के मुताबिक, निर्यात दायित्वों को पूरा न करना और दस्तावेजी सबूतों को छिपाना फेमा और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के निर्देशों का उल्लंघन है।
पैसों का हेरफेर
ईडी की जांच में यह भी पता चला कि 'इमसोंग ग्लोबल' के बैंक खाते में प्राप्त विदेशी पैसा 'इनकेमइंडिया प्राइवेट लिमिटेड' नामक एक अन्य कंपनी और लीमा इमसोंग व उसके परिवार के सदस्यों के निजी खातों में भेज दिया गया था।
संदिग्ध कंपनी 'इनकेम इंडिया'
अधिकारियों ने बताया कि 'इनकेम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' का स्वामित्व और नियंत्रण भी लीमा इमसोंग के पास है। जांच में सामने आया कि यह कंपनी पहले निष्क्रिय थी, लेकिन जैसे ही लीमा इमसोंग को विदेश से पैसा मिलना शुरू हुआ, यह सक्रिय हो गई। ईडी की जांच से पता चला है कि इस कंपनी ने विचाराधीन अवधि के दौरान घाटा दिखाया है और यह "केवल कागजों पर चलने वाली कंपनी" प्रतीत होती है। 'इनकेम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' के बैंक खाते में आया पैसा चेन्नई में मानव बाल के व्यापार से जुड़ी कुछ "संदिग्ध संस्थाओं" को भी डायवर्ट किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है।











