कांग्रेस ने कई बार RSS पर बैन लगाने की कोशिश की, लेकिन जनता ने हमें स्वीकार किया: दत्तात्रेय होसबाले

कांग्रेस ने RSS पर बैन लगाने की कोशिश की, पर जनता ने स्वीकारा.

Published · By Bhanu · Category: Politics & Government
कांग्रेस ने कई बार RSS पर बैन लगाने की कोशिश की, लेकिन जनता ने हमें स्वीकार किया: दत्तात्रेय होसबाले
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा है कि कांग्रेस ने अतीत में कई बार RSS पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की है, लेकिन भारत के लोगों ने संघ को हमेशा स्वीकार किया है। होसबाले का यह बयान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने RSS पर प्रतिबंध लगाने की वकालत की थी और उसकी विचारधारा को 'ज़हर' बताया था।

खड़गे का विवादित बयान

मल्लिकार्जुन खड़गे ने 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि वह RSS पर प्रतिबंध लगाने के पक्ष में हैं। उन्होंने दावा किया कि "अधिकांश मुद्दे और कानून-व्यवस्था की समस्याएं भाजपा-आरएसएस के कारण पैदा होती हैं।" खड़गे ने यह भी कहा कि "यह उनकी निजी राय है और वह इसे खुले तौर पर कहेंगे।" उन्होंने महात्मा गांधी की हत्या के बाद सरदार पटेल द्वारा RSS पर लगाए गए प्रतिबंध का भी जिक्र किया।

होसबाले का पलटवार

होसबाले ने खड़गे के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें इतिहास और पिछले अनुभवों से सीखना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया, "उन्होंने (कांग्रेस ने) कई बार हम पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की है। उन्हें पहले के अनुभवों से सीखना चाहिए। उनके एक बड़े नेता ने तीन बार RSS पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की थी। उसका क्या हुआ? अदालत और लोगों दोनों ने अपना फैसला सुनाया और संघ आगे बढ़ रहा है।"

प्रतिबंध के लिए वैध कारण ज़रूरी

होसबाले ने आगे कहा कि जो लोग संघ पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं, उन्हें इसके लिए कोई वैध कारण बताना होगा। उन्होंने कहा, "सिर्फ किसी की इच्छा से प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता। आप उस संघ पर प्रतिबंध लगाना चाहते हैं जो राष्ट्र निर्माण के लिए काम करता है..."

जबलपुर बैठक में चर्चा

दत्तात्रेय होसबाले ने ये बातें जबलपुर में RSS की तीन दिवसीय वार्षिक कार्यकारी मंडल की बैठक के समापन पर मीडिया से बात करते हुए कहीं। उन्होंने बताया कि बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष समारोह की तैयारियों, मणिपुर की स्थिति, सीमावर्ती जिलों में बढ़ती नशीले पदार्थों की समस्या और देश में बढ़ते धर्मांतरण जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

मणिपुर और भाजपा से संबंध

RSS सरकार्यवाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर दौरे की सराहना भी की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संघ और भाजपा के बीच कोई मतभेद नहीं हैं। इसके अलावा, होसबाले ने माओवादियों के बड़े पैमाने पर आत्मसमर्पण की सराहना की और समाज व सरकारों से ऐसे लोगों को पर्याप्त सम्मान और जीवनयापन के अवसर प्रदान करने का आग्रह किया।

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